नई दिल्ली : चीन मे लगातार दूसरी बार बने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को माओ के बाद दूसरा शक्तिशाली नेता बताने के बाद अब उन्हें ईश्वर भी बताया जा रहा है सूत्रों के मुताबिक चीन के दक्षिण पूर्वी क्षेत्र मे रह रहे ईसाई परिवार को ाव जीजस क्राइस्ट की तस्वीर की जगह शी जिनपिंग की तस्वीर लगाने का हुक्म सुनाया गया है सूत्रों के मुताविक चीन के युगान काऊंटी मे रह रहे हज़ारो परिवार से कहा गया हैउ की गरीबी और सारे कष्ट जीजस क्राइस्ट की पूजा करने से दूर नहीं होंगे स्थानीय अधिकारियो ने कहा है की आपको गरीबी और कष्ट राष्ट्रपति शी जिनपिंग दूर करेंगे लिहाजा जीजस क्राइस्ट की फोटो की जगह आप शी जिनपिंग की फोटो लगाए पोयांग के किनारे जियांशी प्रांत मे हज़ारो की संख्या मे ईसाई परिवार रहते है ये सभी गरीव है साउथ चाइन मॉर्निंग पोस्ट के मुतबिक चीन मे अगर 10 लाख लोग गरीव है तो उनमे लगभग 11 फीसदी लोग गरीबी रेखा के नीचे है जिनमे तकरीवन 10 प्रतिसत लोग ईसाई है

 

वाशिंगटन पोस्ट के अनुसार युगान काउंटी के सोशल मीडिया मे बताया गया है की यहा ईसाई धर्म के 624 फोटो और चिन्ह को ग्रामीण ने स्वेच्छा से हटाकर राष्ट्रपति शी जिनपिंग की 453 फोटो को लगा दिया है सिर्फ इतना ही नहीं यहा ाव चीन के पहले कम्युनिष्ट नेता माओ जेडांग की फोटो हर घर मे लगी है शी जिनपिंग सरकार की 2020 तक राज्य के गरीबी दूर करने की प्राथमिकताओं मे है

 

पिछले दिनों ही राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लगातार दूसरी बार राष्ट्रपति चुना गया है इसके बाद उन्हें माओ के बाद दूसरा सबसे लोकप्रिय नेता कहा जा रहा है पार्टी के राष्टीय सम्मलेन मे शी जिनपिंग के विचार को सबिधान मे भी शामिल करने की सहमति बानी अभी तक पार्टी के सबिधान मे सिर्फ माओत्से तुंग और उनके उत्तराधिकारी देंगे शिओमी की विचारधारा शामिल है

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