भारत मै कई ऐसे मंदिर है जिन्हे लेकर अलग अलग मान्यता है कहि पानी से चमत्कार होता है तो कहि का पत्थर चमत्कारी होता ऐसे ही हम आपको बताने जा रहे है यहां की मिटटी से सारे रोगो का निवारण हो जाता है

ढ़े क्या है कहानी जाने कैसे होता है रोगो का निवारण




उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के झलोखर गांव का यह प्राचीन मंदिर माँ भुनेश्वरी के नाम ने जाना जाता है। यह स्थान कभी बस्ती से सैकड़ों मील दूर हुआ करता था लोगों का मानना है की लगभग 200 वर्ष पहले एक नीम के पेड़ से मूर्ति निकली थी तब इसे देखने के लिए दूर-दूर से आये श्रद्धालुओ ने यहां की मिट्टी को तिलक समझ कर लगाया तो शरीर के सारे रोग व दर्द दूर हो गये

ओर इसके बाद से तो यह स्थान भुनेश्वरी के मंदिर के नाम से जाना जाने लगा आज भी यहां पर रोग से पीड़ित लोग आते है और यहां की मिटटी को शरीर पर मल कर सभी रोगों से मुक्त होकर जाते है। स्थानीय लोगों की माने तो मंदिर में माँ भुनेश्वरी का आशीर्वाद है। भुनेश्वरी मंदिर की मिट्टी की जांच कई बार वैज्ञानिकों ने की लेकिन पता नहीं लग सका कि इस मिट्टी में ऐसे कौन से तत्व हैं कि एक मुट्ठी मिट्टी किस तरह शरीर पर लगते ही सारे दर्द खत्म कर देती है। जो भी तालाब में नहाने के बाद मिट्टी लगायेगा उसके सारे दुख दर्द दूर हो जायेगे। जानकारों का कहना है यहाँ की मिट्टी शरीर पर लगाने से गठिया जैसे रोग भी दूर हो जाता है



Loading...